कोरोना वायरस के चलते भारत में 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया है। ऐसे में सभी ऑफिस और दुकानें (सिर्फ जरूरी सामान को छोड़कर) बंद हैं। ऐसे में कई लोग जो घर पर बैठे हर वक्त कोरोना के बारे में सोच रहे है। वह ऐसा ना करें क्योंकि ऐसा करने से आप बेवजह मानसिक तनाव में आ सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के नोडल अधिकारी (मानसिक स्वास्थ्य) डॉ. सुनील पाण्डेय ने बताया कि हम जिस विषय में भी बहुत देर तक सोचते व मनन करते हैं वह हम पर हावी हो जाता है। ऐसे में उसका नफा-नुकसान नजर आने लगता है, जो कि किसी के लिए भी खतरनाक हो सकता है।
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की स्थिति में सभी चीजें ठहर सी गई हैं। इसके लिए जरूरी है कि अपनी दिनचयार् में बदलाव लाएं और यदि आवश्यक सेवाओं से नहीं जुड़ें हैं, तो घर से बाहर निकलने से परहेज करें। टीवी, अखबार और सोशल मीडिया में सिर्फ कोरोना के बारे में देखने-समझने और अपनो से सिर्फ उसी बारे में बात करने से बचें। ऐसा करने से आप मानसिक तनाव में आकर अपने साथ ही घर के अन्य सदस्यों को बीमार बना सकते हैं।
उन्होंने इससे ध्यान हटाने के लिए टीवी सीरियल देखने, पुस्तकें पढ़ने आदि की सलाह देते हुए कहा, “खाना बनाने का शौक है तो किचेन में कुछ वक्त बिताएं, यदि आपको घर पर ही रहना है तो अपने शौक को जिंदा रखें। अगर खाना बनाने का शौक है तो अपने हाथों से कुछ नई डिश बनाएं और अपनों के साथ शेयर करें। ”